बड़े धूमधाम से मनाया वृक्ष संरक्षण दिवस - TOURIST SANDESH

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गुरुवार, 30 जुलाई 2026

बड़े धूमधाम से मनाया वृक्ष संरक्षण दिवस

 बड़े धूमधाम से मनाया वृक्ष संरक्षण दिवस

कोटद्वार। जिला गढ़वाल की ऐतिहासिक स्थली गढ़वाल रेजीमेंट लैंसडाउन परिसर में राठ क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था समळौ॑ण द्वारा पौधरोपण कर बड़े धूमधाम से वृक्ष संरक्षण दिवस मनाया गया। 

पौधरोपण कार्यक्रम में गढ़वाल रेजीमेंट केन्द्र, लैंसडाउन के कमांडर ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं जवानों को इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में हर संस्कारों के अवसर पर समलौंण पौधारोपण करने हेतु प्रेरित किया, उन्होंने कहा कि तभी हमारा भविष्य बच पाएगा तथा आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक होगा। उन्होंने संस्था के उज्जवल भविष्य की कामना करते शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के मार्गदर्शक रेजीमेंट के कर्नल विजय तोमर ने कहा कि, संस्था का कार्य बड़ा अद्वितीय एवं अनुकरणीय है, समलौंण हमारी गढ़वाल राइफल्स के लिए प्रेरणादायक है। संस्था द्वारा 500 बांज एवं देवदार के समलौंण पौधों का रोपण कर समळौ॑ण वन की स्थापना की गई। जिनका संरक्षण करना हम सबका परम कर्तव्य है।

 उन्होंने कहा समलौंण पहल आज सम्पूर्ण राज्य ही नहीं अपितु देश के अन्य राज्यों में भी अपना विस्तारित हो रही है, जिसमें समलौंण सेना के रूप में ग्रामीण स्तर पर ग्रामीण एवं शहरों में हर संस्कारों के अवसर पर समळौ॑ण पौधारोपण का कार्य व्यापक स्तर पर एक रीति रिवाज एवं परंपरा बन चुकी है, जो कि हर किसी के मन का भावनात्मक आंदोलन बन गया है। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष मनोज रौंथाण ने संस्था के लक्ष्य और उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। संस्थापक बीरेंद्र दत्त गोदियाल ने कहा कि वृक्ष संरक्षण दिवस हमारी संस्था का संकल्प है, हमारे मन में इसका प्रादुर्भाव वर्ष 2020 में उत्पन्न हुआ, राठ क्षेत्र की  आराध्य देवी मां बू॑खाल का॑लिका में पशुवलि प्रथा को बंद करने 30 जुलाई 2010 को प्रख्यात पशु प्रेमी माननीय सांसद मेनका गांधी एक सेमिनार में राजकीय इंटर कॉलेज चौ॑रीखाल में आई, उक्त अवसर पर हमने उनके हाथों विद्यालय परिसर में उन निरीह पशुओं की याद में काफल का समलौंण पौधा रोपकर उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की, उक्त पौधे का संरक्षण विधालय के प्रधानाचार्य को दी, उस विधालय में जाकर उस पौधे के पल्लवित पोषित होकर देख जब उसने वृक्ष का रूप ले लिया तो संरक्षण का भाव जागा। वृक्ष संरक्षण दिवस मनाने का विचार सर्वप्रथम संस्था के सलाहकार एवं वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चन्द्र नौटियाल ने दिया था।

  इसी क्रम में 30 जुलाई 2020 को उसे वृक्ष की 10वीं वर्षगांठ पर बड़े धूमधाम से वृक्षजन्मोत्सव मनाया गया। उसी दिन यह संकल्प लिया गया कि इस तिथि को हर वर्ष गांव के खाली स्थान में जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण समलौंण सेनाओ॑ के अथक सहयोग से सघन वृक्षारोपण कर समळौ॑ण वन की स्थापना की जाएगी, जो हर निरन्तर जारी है, इसे हर जन के अन्दर पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न होती है। जिससे हिमालय बच पाएगा और उससे निकलने वाली नदियां भी जीवित रहेगी जंगली जीव भी सुरक्षित रहेंगे और हमारा भविष्य भी बच पाएगा। उन्होंने जंगलों को आग से बचाने और उनके संरक्षण करने की अपील की।

 कार्यक्रम में राज्य सरकार से प्रतिवर्ष 30 जुलाई को वृक्ष संरक्षण दिवस घोषित करने की मांग की गयी। इस अवसर पर डिप्टी कमांडर कुलदीप सिरोह, सेना मेडल, ले० कर्नल विजय तोमर,रिकॉर्ड ऑफिसर प्रताप सिंह, ट्रेनिंग बटालियन कमांडर सुमित लिंगवाल, नंद किशोर, चियर पर्सन रेखा नेगी, समळौ॑ण आन्दोलन के राज्य संयोजक मातबर सिंह बर्त्वाल, संयोजिका सावित्री देवी म॑मगाई, जिला संयोजक समलौण पवन पटवाल, अध्यक्ष मनोज रौथाण, उपाध्यक्ष मुकेश नौड़ियाल, कोषाध्यक्ष नथीराम नौड़ियाल, सचिव नरेंद्र सिंह नेगी, आजीवन सदस्य भगवानसिंह गुसाईं, सदस्य महावीर प्रसाद नौड़ियाल, सचिन पुसोला, संस्था के सलाहकार विश्वबन्धु नेगी, सरस्वती देवी, गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी एवं जवान बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

कार्यक्रम का संचालन समलौण संस्था के सचिव नरेंद्र सिंह नेगी ने किया।

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