नरेन्द्र उनियाल की 46 वीं पुण्यतिथि पर किया भावपूर्ण स्मरण
देहरादून। (23 जुलाई, गुरुवार) नरेन्द्र उनियाल मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में राज्य आंदोलन के सूत्रधार, गढ़वाल निर्माण विश्वविद्यालय आन्दोलन, जे.पी. आन्दोलन के गढ़वाल संयोजक, धधकता पहाड़ एवं जयन्त समाचारपत्र के संस्थापक सम्पादक एवं प्रखर राष्ट्रवादी पत्रकार अमर शहीद लोकतंत्र सेनानी नरेन्द्र उनियाल की 46 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भावपूर्ण स्मरण किया गया। आफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल, रेसकोर्स देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्व नरेन्द्र उनियाल को याद करते हुए कहा कि, उन्होंने ने मात्र 29 साल में पत्रकारिता के क्षेत्र वो मुकाम हासिल किया जो आज सम्भव नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि, नरेन्द्र उनियाल उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के सूत्रधार, गढ़वाल निर्माण विश्वविद्यालय आन्दोलन, जे.पी. आन्दोलन के गढ़वाल संयोजक, धधकता पहाड़ एवं जयन्त के संस्थापक सम्पादक एवं प्रखर राष्ट्रवादी पत्रकार थे।
इस अवसर पर लोकतंत्र में असहमति बनाम असहिष्णुता' विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान दौर में बढ़ती असहिष्णुता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति विचारों की विविधता है, जबकि लोकतंत्र में असहिष्णुता विचारों की स्वतंत्रता पर आधात है।
सभ्य समाज में विचारों में मतभेद हो सकते हैं परन्तु मनभेद नहीं होना चाहिए। असहमति से लोकतंत्र मजबूत होता है। जबकि असहिष्णुता लोकतंत्र के लिए घातक है। लोकतंत्र में बहुमत से निर्णय लिये जाते हैं परन्तु विपक्ष की बात का भी सम्मान होना चाहिए।
गोष्ठी में पत्रकार जयसिंह रावत, डॉ. बी.डी. शर्मा, भगीरथ शर्मा, ब्रह्मदत्त शर्मा, मीरा रावत, मनोज इष्टवाल, पुष्कर नेगी, अरूण शर्मा, मोहम्मद खालिद, दिगम्बर सिंह पंवार, अमित बडोला,
आदि पत्रकारों ने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर पत्रकारों के हितों के लिए सभी पत्रकार संगठनों को एकजुट होकर पत्रकार हित में संघर्ष करने का भी संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का संचालन सुभाष चन्द्र नौटियाल ने किया तथा आभार नरेन्द्र उनियाल मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष नागेन्द्र उनियाल ने किया।

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