दो दिवसीय ‘आर्ट एवं ड्रामा’ कार्यशाला का हुआ आयोजन
कोटद्वार(रविवार-सोमवार, टूरिस्ट संदेश)। डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार के बीएड विभाग में दो दिवसीय ‘आर्ट एवं ड्रामा’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रोफेसर डी.एस. नेगी ने दीप प्रज्वलित कर किया।प्राचार्य प्रो. नेगी ने कहा कि भावी शिक्षकों के व्यावसायिक गुणों के संवर्धन के लिए इस प्रकार की कार्यशालाओं को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि कला और नाट्य गतिविधियाँ शिक्षण को प्रभावी, जीवंत और विद्यार्थियों के लिए अधिक आकर्षक बनाती हैं।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बी.सी. शाह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संदर्भदाताओं—प्रसिद्ध रंगकर्मी, अनुसूया प्रसाद डंगवाल एवं वीर सिंह मणी का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रोफेसर बहुगुणा ने अपने व्याख्यान में व्यक्तित्व विकास में कला एवं संस्कृति की भूमिका और महत्व पर विचार प्रस्तुत किए।
दो दिवसीय इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को कला एवं नाट्य मंचन की बारीकियाँ, मानव सभ्यता एवं संस्कृति के संवर्धन में कला और नाटक का योगदान, व्यक्तित्व एवं समाज के उत्थान में नाट्य मंचन का प्रभाव, तथा एक शिक्षक की रंगकर्मी के रूप में भूमिका जैसे विषयों पर प्रायोगिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुनीता नौटियाल, डॉ. एस.के. आर्य, डॉ. डी.बी. सिंह, डॉ. डी.के. मौर्य एवं बीएड के प्रशिक्षु उपस्थित थे।

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