दून विश्वविद्यालय में हुआ नाटक ‘बाकी इतिहास’ का प्रभावशाली मंचन - TOURIST SANDESH

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सोमवार, 30 मार्च 2026

दून विश्वविद्यालय में हुआ नाटक ‘बाकी इतिहास’ का प्रभावशाली मंचन

दून विश्वविद्यालय में हुआ नाटक ‘बाकी इतिहास’ का प्रभावशाली मंचन

देहरादून। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर दून विश्वविद्यालय एवं दून घाटी रंगमंच, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय नाट्य समारोह के तीसरे दिन प्रसिद्ध नाटककार बादल सरकार द्वारा लिखित तथा वरिष्ठ रंगकर्मी बृजेश नारायण द्वारा निर्देशित चर्चित नाटक “बाकी इतिहास” का सफल मंचन किया गया।

नाटक के प्रमुख पात्र सीतानाथ और शरद के माध्यम से मानव मन की गहराइयों, अपराधबोध और जीवन के अस्तित्व से जुड़े प्रश्नों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। सीतानाथ का चरित्र उस व्यक्ति का प्रतीक है, जो अपने भीतर के अपराधबोध से ग्रसित होकर अंततः आत्महत्या का मार्ग चुनता है, वहीं शरद स्वयं को सीतानाथ से जोड़ते हुए जीवन के उद्देश्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। मंच पर कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।  जिसमें सीतानाथ -बृजेश नारायण, शरद - संदीप सिंह, आदेश नारायण, टीना मेहरा, वासंती, नितिन पाल, रविकांत चमोली, तुषार और सुधीर कुमार ने उत्कृष्ट अभिनय प्रस्तुत किया।

पार्श्व में प्रकाश व्यवस्था वेदांश, संगीत-आकृति, सेट डिज़ाइन-सुभाष धीमान एवं आकाश धीमान, वेशभूषा-राहुल,  मेकअप-अली और शेखर द्वारा संभाला गया। 

मुख्य अतिथि के रूप में प्रो0 नवीन चंद्र लोहानी, कुलपति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय,  डॉ लक्ष्मी नारायण, महेश नारायण,  विशाल जिंदल, रंगमंच विभाग के डॉ अजीत  पंवार, कैलाश कंडवाल आदि रंगकर्मी उपस्थित थे।

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