गीत वंदेमातरम् भारत की आत्मा का स्वर - डॉ पद्मेश बुडाकोटी - TOURIST SANDESH

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रविवार, 25 जनवरी 2026

गीत वंदेमातरम् भारत की आत्मा का स्वर - डॉ पद्मेश बुडाकोटी

 गीत वंदेमातरम् भारत की आत्मा का स्वर - डॉ पद्मेश बुडाकोटी 

कोटद्वार। वंदेमातरम् गीत भारत की आत्मा का स्वर है, यह बात एक शाम देश के नाम कार्यक्रम में शिक्षक डॉ पद्मेश बुडाकोटी ने कण्वनगरी कोटद्वार के प्रतिष्ठित मालवीय उद्यान में लोक कलाकार सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कही। ज्ञात हो कि, सोसाइटी द्वारा वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि, वंदेमातरम् गीत की रचना 1875 में प्रसिद्ध रचनाकार बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा की गयी थी। यह गीत 1882 में उपन्यास आनन्द मठ में प्रकाशित हुआ था तथा 1896 के कांग्रेस कलकत्ता अधिवेशन में प्रथम बार यह गीत गाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कण्वनगरी कोटद्वार के महापौर शैलेन्द्र सिंह रावत ने गीत वंदेमातरम् को हर भारतीय के हृदय की धड़कन बताया।

वंदेमातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में सोसाइटी ने देशभक्ति गीतों की एक प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इस प्रतियोगिता में 10 टीमों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के निर्णायक गीतनाटक प्रभाग नैनीताल के पूर्व निदेशक, अनिल घिल्डियाल, वरिष्ठ रंगकर्मी मणिलाल भारती तथा विजय भारती थे।

कार्यक्रम का संचालन लोककलाकार एवं संस्था संयोजक ओमप्रकाश कवटियाल ने किया।

कार्यक्रम में संस्था अध्यक्षा सरोज रावत, आनन्दमणी जखमोला, दर्शन लाल सरना, संदीप वर्मा, चिन्टू, सुनील घिल्डियाल, लज्जू रावत, हरीश चंद्र काला, दिनेश बौठिंयाल, वीरेंद्र भण्डारी, मातवर सिंह रावत, प्रकाश मोहन, बसन्त घिल्डियाल आदि उपस्थित थे।

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