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गुरुवार, 20 सितंबर 2018

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बर्ड वाचिंग कार्यक्रम का आयोजन
कोटद्वार। पर्यटन विभाग द्वारा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘देखो अपना देश’ थीम के अन्तर्गत कोटद्वार में दो दिवसीय बर्ड वाचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें कोटद्वार के पत्रकारों व स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग कर विभिन्न पक्षी प्रजातियों की जानकारियां हासिल की। 
ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसको देखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गत 15 सितम्बर से आगामी 27 सितम्बर तक ‘देखो अपना देश’ की थीम पर पर्यटन पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज कोटद्वार में दो दिवसीय बर्ड वाचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ उपजिलाधिकारी कोटद्वार कमलेश महेता ने ट्रेकिंग दल के वाहन को हरी झंड़ी दिखाकर किया। ट्रेकिंग दल ने मोड़ाखाल से नौड़ी तक पैदल पथ पर विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का दिदार किया। पक्षी प्रेमी राजीव बिष्ट ने ट्रेकिंग दल को विभिन्न पक्षियों के सम्बन्ध में रोचक जानकारियां दी। राजीव बिष्ट ने बताया कि यह एक उभरता हुए व्यवसाय है इसमें विशेषज्ञों की आवश्यकता है। राज्य में बढ़ते पर्यटन व्यवसाय को देखते हुए युवा बर्ड वाचिंग को व्यवसाय के रूप में अपना सकते है। यह बेहतर भविष्य के लिए सुनहरे रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। इस व्यवसाय से जुड़ कर युवा अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह व्यवसाय हमें प्रकृति से जुड़ने का मौका देता है तथा जीवन में प्रकृति से जुड़ने पर आनन्द की अनभुति कराता है। वास्तव में आज पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति से जुड़ना चाहिए। प्रकृति से जुड़ने के लिए इको टूरिज्म को बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता है। सहायक पर्यटन अधिकारी राम कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पौड़ी के निर्देश पर बर्ड वाचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिले के अलग-अलग स्थानों पर पर्यटन पर्व के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। धीरज धर बछवांण, एसीएफ भूमि संरक्षण वन विभाग लैंसडाउन ने जानकारी देते हुए बताया कि मोड़ाखाल से नौड़ी तक का लगभग साढ़े तीन किलोमीटर का यह क्षेत्र शानदार पक्षी विहार है। यहां पर विभिन्न प्रजाति के पक्षी आसानी से देखे जा सकते हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में पक्षियों की लगभग 710 प्रजातियां हैं। जिसमें से 300 से अधिक प्रजातियां शिवालिक वृत्त में पाई जाती हैं। सर्वेश्वर कुमार दूबे एसीएफ वन विभाग लैंसडाउन ने बताया कि ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम पर्यटन विभाग के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से निश्चित रूप से राज्य में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा तथा देशी-विदेशी पर्यटक राज्य की ओर आकर्षित होंगें। इस ट्रेकिंग दल में चन्द्रमोहन शुक्ला, कमल बिष्ट, विमल ध्यानी, रोहित लखेड़ा, सुभाष नौटियाल शैलेन्द्र सिंह, हंसा दत्त थपलियाल, राजेन्द्र नेगी, रमेश थलियाल, दीपक नेगी, आशीष चौहान, पंकज जुगराण, शिवांशु, मोहन सिंह, वैभव भाटिया, अर्पित, संतोष रावत, अर्पित केसियाल, तरूण, ऋतिक नैथानी आदि उपस्थित थे। 



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