शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
पौड़ी से तीन शिक्षक राखी जुयाल, प्रताप राणा और भारती नेगी हुए अनमोल रत्न शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित, शिक्षिका विभा रावत मिला मेरा विद्यालय मेरा गौरव सम्मान
पौड़ी। मिशन शिक्षण संवाद उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित नवम् राज्य स्तरीय शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी, छात्र एवं शिक्षक सम्मान समारोह–2026 का भव्य आयोजन जी.बी. पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, घुड़दौड़ी के समीप स्थित एक रिसॉर्ट में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) वी.के. बंगा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में पीएमश्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओजली के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वन्दना, स्वागत गीत एवं आकर्षक लोकनृत्य पूनम भर्तरी के निर्देशन में प्रस्तुत किये। रोशनी कुँवर के निर्देशन में विद्यार्थियों द्वारा योग प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में पीएमश्री उच्च प्राथमिक विद्यालय सबधारखाल के विद्यार्थियों ने नन्दा देवी राजजात पर आधारित लोकनृत्य के माध्यम से उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वी.के. बंगा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच प्रदान करने की है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक आयोजनों हेतु संस्थान का सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर डॉ. कृष्ण कान्त सिंह ने विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार एवं कौशल विकास आधारित शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रो. एम.सी. पुरोहित ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए उच्च शिक्षा में उपलब्ध व्यावसायिक, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बाल रत्न सम्मान, शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले ग्रामीणों को ग्राम रत्न सम्मान तथा सहयोगी व्यक्तियों को दान रत्न सम्मान प्रदान किया। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था में हो रहे नवीन परिवर्तनों के अनुरूप स्वयं को निरन्तर अद्यतन रखने का आह्वान किया।
गढ़वाल मण्डल संयोजक एवं काव्यांजलि प्रमुख माधव सिंह नेगी ने मिशन शिक्षण संवाद की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की यात्रा, उपलब्धियों एवं भावी कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण करते हुए मिशन के 4P एवं 6S मॉडल की जानकारी दी। वहीं कुमाऊँ मण्डल संयोजक एवं तकनीकी प्रमुख सन्तोष कुमार जोशी ने मिशन के शैक्षिक नवाचारों, जनसहभागिता आधारित गतिविधियों, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु संचालित ऑनलाइन कक्षाओं तथा डिजिटल शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
रुद्रप्रयाग से पधारे सत्येन्द्र सिंह भण्डारी ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर अपने विचार व्यक्त किए, जबकि कुसुम भट्ट ने अपनी प्रभावशाली काव्य प्रस्तुति से उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षाप्रेमियों को भावविभोर कर दिया।
द्वितीय सत्र में अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), गढ़वाल मण्डल, पौड़ी, प्रमेन्द्र कुमार बिष्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्यालयों एवं अभिभावकों को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "मैं मिशन शिक्षण संवाद से भली-भाँति परिचित हूँ। मिशन शिक्षण संवाद उत्तराखण्ड व्यापक छात्रहित में अत्यंत सराहनीय कार्य कर रहा है। आप सभी शिक्षा के उत्थान, शिक्षक सम्मान एवं सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं।" उन्होंने मिशन के कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे शिक्षा एवं समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।
सम्मान समारोह के अंतर्गत 100 छात्र-छात्राओं को बाल रत्न सम्मान–2026, 02 अभिभावकों को ग्राम रत्न सम्मान–2026, 04 अभिभावकों को विशेष अभिभावक सम्मान–2026, 07 शिक्षकों को अनमोल रत्न शिक्षक सम्मान–2026, 04 विद्यालयों को मेरा विद्यालय मेरा गौरव सम्मान–2026 तथा 29 शिक्षक-शिक्षिकाओं को उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान–2026 प्रदान किए गए।
शिक्षक राकेश कुमार नैनवाल, हरीश नौटियाल, राखी जुयाल, प्रताप सिंह राणा, भारती नेगी, सुधीर कोहली, गोपाल सिंह नेगी को अनमोल रत्न शिक्षक सम्मान–2026 से सम्मानित किया गया।
मेरा विद्यालय मेरा गौरव सम्मान–2026 से राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखोना प्रथम (टिहरी गढ़वाल), राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी (उत्तरकाशी), राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटड़ीढाक (पौड़ी गढ़वाल) तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रतबे (बागेश्वर) सम्मानित हुए।
इस अवसर पर अपर शिक्षा निदेशक प्रमेन्द्र कुमार बिष्ट द्वारा मिशन शिक्षण संवाद उत्तराखण्ड की राज्य एवं मण्डलीय कार्यसमिति के सदस्यों को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। जनपद पौड़ी की टीम द्वारा सभी कार्यसमिति सदस्यों को भगवान नीलकण्ठ महादेव का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रोटरी क्लब श्रीनगर का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक सम्मान से सम्मानित शिक्षक हेमन्त कुमार चौकियाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मिशन शिक्षण संवाद उत्तराखण्ड के गढ़वाल मण्डल संयोजक एवं काव्यांजलि प्रमुख माधव सिंह नेगी, कुमाऊँ मण्डल संयोजक एवं तकनीकी प्रमुख सन्तोष कुमार जोशी, राज्य कार्यसमिति सदस्य एवं कार्यक्रम अध्यक्ष रीता सेमवाल, राज्य कार्यसमिति सदस्य हेमन्त कुमार चौकियाल, राज्य योग संयोजक जगदीश वर्धन, जिला संयोजक कमल सिंह बिष्ट (रुद्रप्रयाग), किरन नैथानी (पौड़ी गढ़वाल), विजय प्रकाश बड़ोला (उत्तरकाशी), किरण साह (बागेश्वर), डॉ. सुमन बिष्ट (अल्मोड़ा), आर.सी. जोशी (चम्पावत) सहित राज्य, मण्डलीय एवं जनपद स्तरीय कार्यसमितियों के सदस्य, कुमाऊँ मण्डल से वन्दना जोशी, पुष्पा तिवारी, भावना पाण्डे, सुनीता भटनागर, चेतना जोशी, निधि बिष्ट, डॉ. विनीता खाती, शशी प्रभा पुरोहित, माधुरी नैथानी, सरिता मेंदोला, विभा रावत, कुसुम लखेड़ा, सुनीता नेगी, अनीता रावत, आरती बहुगुणा, सीमा मिश्रा, कुसुम काला, विनीता मेहरा, पूनम भर्तरी, गिरीश पुरोहित, आशीष नेगी, कमलेश बलूनी, रेखा नेगी, रेखा लिंगवाल, जे.पी. कुकरेती, कुसुम काला, विनीता मेहरा, रोशनी कुँवर, जयन्ती पुरोहित, कुसुम भट्ट, देवेश्वरी सेमवाल, रेखा पुरोहित, जितेन्द्र सिंह नेगी, राजेन्द्र रुक्मणी, अनीता नौटियाल, जगदम्बा कण्डारी एवं विजया सहित विभिन्न जनपदों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएँ, अभिभावक, छात्र-छात्राएँ, शिक्षाविद् एवं शिक्षाप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
कार्यक्रम में जिला संयोजक पौड़ी किरन नैथानी द्वारा उपस्थित सभी जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संयोजक रीता सेमवाल ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। गढ़वाल मण्डल संयोजक एवं काव्यांजलि प्रमुख माधव सिंह नेगी ने अगले वर्ष आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय शैक्षिक उन्नयन गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का दायित्व जनपद चम्पावत को सौंपे जाने की घोषणा की। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।


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