दून विश्वविद्यालय में आयोजित होगा पांच दिवसीय नाट्य समारोह
देहरादून। दून विश्वविद्यालय के रंगमंच एवं लोक प्रदर्शन कला विभाग तथा दून घाटी रंगमंच, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रंगमंच दिवस (27 मार्च) के अवसर पर पाँच दिवसीय नाट्य समारोह का आयोजन दिनांक 27 मार्च से 31 मार्च तक किया जा रहा है। इस नाट्य श्रृंखला में विभिन्न प्रतिष्ठित नाट्य संस्थाओं एवं कलाकारों द्वारा नाटकों का मंचन किया जाएगा।
नाट्य समारोह का शुभारंभ 27 मार्च को दून घाटी रंगमंच द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध नाटक ‘तुगलक’ (लेखक: गिरीश कर्नाड, निर्देशक: बृजेश नारायण) से होगा। 28 मार्च को कला मंच द्वारा ‘पगला घोड़ा’ (लेखक: बादल सरकार, निर्देशक: मिताली पुनेठा) का मंचन किया जाएगा। 29 मार्च को ‘बाकी इतिहास’ (लेखक: बादल सरकार, निर्देशक: बृजेश नारायण) का मंचन होगा।
30 मार्च को दून विश्वविद्यालय के रंगमंच एवं लोक कला प्रदर्शन विभाग द्वारा ‘राजपुर रोड का रोमियो’ (लेखक: हरिशंकर परसाई, निर्देशक: कैलाश कंडवाल) प्रस्तुत किया जाएगा। समापन दिवस 31 मार्च को ‘सावित्री बाई फुले’ (लेखक एवं निर्देशक: डॉ. अजीत पंवार) नाटक के मंचन के साथ होगा।
सभी नाटकों का मंचन प्रतिदिन सायं 5:30 बजे डॉ. नित्यानंद प्रेक्षागृह, दून विश्वविद्यालय, देहरादून में किया जाएगा। प्रो. सुरेखा डंगवाल दून विश्वविद्यालय ने कहा यह नाट्य समारोह विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें रंगमंच की व्यावहारिक समझ विकसित करने, अभिनय, निर्देशन एवं मंच-सज्जा जैसी कलाओं में दक्षता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के बीच संवाद स्थापित करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
नाट्य समारोह के लिए कुलसचिव दुर्गेश डिमरी, प्रो० एच. सी. पुरोहित, प्रो० हर्ष डोभाल, प्रो० आर0 पी0 मंगाईं , प्रो० चेतना पोखरियाल, डॉ० राजेश भट्ट, डॉ अजीत पंवार, डॉ कैलाश कंडवाल सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
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