शिक्षक सुन्दर लाल जोशी को शिक्षा श्रीसम्मान
कोटद्वार/रूड़की। शिक्षक सुन्दर लाल जोशी को शिक्षा में नवाचार, शिक्षा में उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान, मूल्य बोध शिक्षा के लिए पंचम अखिल भारतीय शैक्षिक विमर्श एवं शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें रुड़की के शेफील्ड स्कूल में प्रदान किया गया। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षाविद, कुलपति, शिक्षक और समाजसेवियों की सहभागिता थी। आयोजन 11 जनवरी को आयोजित किया गया था।
सृजनशीलता के विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा अपनी पुत्री स्व॰ आकांक्षा जोशी के हृदय दान, दो वृक्क दान, दो नेत्रदान, त्वचा दान, अस्थिदान, रक्तदान सहित शरीर के अन्य उपयोगी अंग का दान करके दानशीलता का जो प्रतिमान स्थापित किए गए उसके लिए इन्हें यह अवार्ड प्रदान किया गया जबकि इनके द्वारा अपनी स्व॰ माता जी (दर्शनी देवी जोशी) के दो नेत्र और रक्तदान सहित अन्य कार्यकारी अंगों के दान से गंभीर रोगग्रस्त रोगियों की भी अभूतपूर्व सेवा की गई है। साथ ही श्री जोशी स्वयं भी अंगदान की घोषणा पहले ही कर चुके हैं समाज में उच्चादर्शी एवं दैविक लेन देन की नीति का परिपालन करने में भी वे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर चुके हैं। इस अवसर पर उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रकार से सम्मान प्राप्ति कोई औपचारिकता मात्र नहीं होती वरन इससे सम्माानित होने वाले व्यक्ति का समाजसेवा के प्रति उत्तरदायित्व और भी बढ़ जाता है। साथ ही उन्होंने ‘शिक्षामेव जयते’ नामक पुस्तक की प्राप्ति के लिए भी प्रकाशक और सम्पादक डाॅ॰ संजय वत्स सहित उनके पूरे समूह का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक संजय वत्स ने बताया कि कृत्रिम बौद्धिकता के युग में मूल्य आधारित शिक्षा एवं शिक्षकों की भूमिका बदल रही है। इसके लिए तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। ऐसी विकासशील परिस्थितियों में एक शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम तक ही सीमित नहीं रह गई है बल्कि वह पाठ्यचर्या, संस्कार, संवेदना और समाज निर्माण का भी केन्द्र बन चुकी है। इस प्रकार के सम्मान समारोह में उपस्थित उन बुद्धिजीवियों को यह मंच आत्मचिंतन के लिए और अधिक प्रेरित करेगा जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर शिक्षा को नई ऊँचाईयों तक पहुँचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आए हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दद्दन मिश्रा, विशिष्ट अतिथि राहुल बिश्नोई, डाॅ॰ एन॰के गुप्ता, डाॅ॰ भगवन नौटियाल, डाॅ॰ अनूप प्रधान, डाॅ॰ यशपाल सिंह, डाॅ॰ बी॰एल॰ यादव, डाॅ॰ विपिन कुमार, डाॅ॰ हरिशंकर और डाॅ॰ यादवेन्द्र नाथ मैमोरियल ट्रस्ट रूड़की के अध्यक्ष, महासचिव सहित सभी पदाधिकारीगण एवं आमजन सेवकों सहित शिक्षक शिक्षिकाएँ उपस्थित थी।

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