विश्व मानसिक स्वस्थ्य दिवस पर किया गोष्ठी का आयोजन
कोटद्वार। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने मानसिक विकारों को दूर करने के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने तथा समाज में आपसी मेलजोल बढ़ाने पर जोर दिया, तथा मानसिक रोग से ग्रसित लोगों की काउंसिलिग करने का सुझाव दिया।
नगर निगम सभागार में कोटद्वार प्रेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में देश में चार में से एक महिला तथा दस में से एक पुरूष मानसिक रोग से ग्रस्त है। मानसिक बीमारी को कई श्रेणियों में बांटते हुए वक्ताओं ने कहा कि मानसिक रोग जन्मजात भी होते है, लेकिन अधिकांश लोगों में तत्कालीन परिस्थियों का मुकाबला करने की क्षमता न होने के कारण वे लोग मानसिक बीमारी का शिकार हो जाते है। मानसिक रोगियों को शरीर उनके बस में न होने के कारण वे उच्च कोटि के मानवीय कृत्यों से वंचित होते चले जाते है। तथा समाज से कट जाते है। वक्ताओं ने मानसिक बीमारियों को ठीक करने के लिए विभिन्न प्रकार के योग, आपसी विचार विमर्श सहित रोजमर्रा के कार्यो में अपने को व्यस्त रहने का सुझाव दिया गया। वक्ताओं ने पाश्चात्य सभ्यता को अपनाने को मानसिक विकारों के लिए जिम्मेदार कारण बताते हुए कहा कि अपनी संस्कृति एवं सभ्यता के हिसाब से जीवन जीने से मानसिक विकारों को कम किया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटद्वार प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुधीन्द्र नेगी तथा संचालन मानसिक अवसाद से बाहर निकल चुके प्रफुल पांथरी ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार योगेश पांथरी, नागेन्द्र उनियाल, दिनेश चन्द्र बलोधी, चन्द्रमोहन शुक्ला, चन्द्रेश लखेड़ा, सुभाष नौटियाल, गोहर सिंह, विमला पांथरी, मधु शर्मा, पूर्व डीआइर्जी बलराम सिंह नेगी, सत्यनारायण नौटियाल, संदीप डबराल, नरेश थपलियाल, पंकज पस्बोला, कमल बिष्ट, आशीष बलोधी, कपिल राजपूत, जय प्रकाश डंगवाल, शराफत अली मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें