"वंदे मातरम्" राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तरकाशी में होगा "जीतू बगड़वाल" नाटक का मंचन - TOURIST SANDESH

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रविवार, 12 जुलाई 2026

"वंदे मातरम्" राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तरकाशी में होगा "जीतू बगड़वाल" नाटक का मंचन

"वंदे मातरम्" राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उत्तरकाशी में होगा  "जीतू बगड़वाल" नाटक का मंचन



देहरादून। नई दिल्ली स्थित संगीत नाटक अकादमी द्वारा "वंदे मातरम्" राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में देशभक्ति विषयक नाट्य प्रस्तुतियों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत 15 जुलाई 2026 (कालिदास जयंती) के अवसर पर देशभर में एक साथ 150 नाट्य प्रस्तुतियाँ, 39 भारतीय भाषाओं में, 150 से अधिक नाट्य संस्थाओं तथा 4,000 से अधिक कलाकारों की सहभागिता के साथ आयोजित की जाएगी।

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समस्त देशवासियों से "वंदे मातरम्" राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगाँठ को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव एवं उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया है।

इसी क्रम में उत्तरकाशी की अग्रणी रंग संस्था संवेदना समूह द्वारा उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोकगाथा पर आधारित देशभक्ति एवं लोक-सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत सुप्रसिद्ध नाटक "जीतू बगड़वाल" का मंचन 15 जुलाई 2026, सायं 5:30 बजे, कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह, उत्तरकाशी में किया जाएगा। इस विशेष प्रस्तुति में उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं पद्मश्री सम्मानित बसंती बिष्ट की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण होगी।

इस आयोजन के सफल संचालन एवं कलाकारों के उत्साहवर्धन हेतु संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के सचिव राजू दास, सह सचिव सुमन कुमार, नाट्य सलाहकार विजय सिंह, मनीष ममगाईं तथा जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

नाटक की तैयारियों में संवेदना समूह के कलाकार अंकिता, रानी, काजल, आईशी, सिमरन, अमित, अनिल, आलोक, जयप्रकाश राणा, गंगा डोगरा, अजय नौटियाल, डॉ. अजीत पंवार, संजय पंवार, गोविंद बिष्ट,  विपिन नेगी, राजेश जोशी सहित अनेक रंगकर्मी पूरे समर्पण और उत्साह के साथ जुटे हुए हैं।

यह नाट्य प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

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