उत्तराखण्ड लोक सांस्कृतिक उत्सव एवं कार्यशाला का हुआ आयोजन
कोटद्वार। अलायन्स आर्गेनाइजेशन देहरादून द्वारा उत्तराखण्ड लोक सांस्कृतिक उत्सव एवं कार्यशाला का आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, प्रयागराज एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से सोमवार को डैफोडिल्स इण्टर कॉलेज,देवरामपुर,मोटाढाक में माया राणा के संयोजन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैप्टन सतीश चन्द्र जोशी एवं विशिष्ट अतिथि प्रीतम पुंडीर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम का निर्देशन राकेंद्र सिंह तथा नृत्य निर्देशन अंकित भट्ट द्वारा किया गया। 25 दिवसीय कार्यशाला के पश्चात आयोजित इस सांस्कृतिक उत्सव में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ “गढ़ वंदना” से हुआ, जिसके अंतर्गत “कुमाऊँनी-गढ़वाली कुर्मांचल देवभूमि” एवं “उत्तराखण्ड की आत्मा हमारी पहचान” जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।
उत्सव में छपेली लोकनृत्य “लाली हो पधानी लाली”, लोकप्रिय लोकनृत्य “अल्या सारी पल्या सारी” एवं पारंपरिक मेला गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगायक राकेश द्वारा प्रस्तुत “घस्यारी ” लोकगीत एवं नृत्य को विशेष सराहना मिली। कलाकारों द्वारा अत्यंत लोकप्रिय पारंपरिक लोकनृत्य “ओ भीना कसके जानु द्वारहाटा” की प्रस्तुति ने सहित कार्यक्रम में छपेली नृत्य, चौफुला लोकनृत्य एवं गढ़वाली लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी गईं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं विद्यालयों में सांस्कृतिक शिक्षा को बढ़ावा देना, लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना तथा लोककलाओं के प्रति रुचि जागृत करना रहा। साथ ही समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक समरसता एवं अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य रहा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखण्ड की यह सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहे, यही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी एवं सांस्कृतिक संकल्प है।
उत्सव में प्रमुख कलाकारों में गायन में राकेंद्र सिंह, संगीता, शिवांगी एवं अक्षरा ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। की-बोर्ड पर सुधांशु बिष्ट, ऑक्टोपैड पर पुनीत तथा ढोलक पर राजन ने उत्कृष्ट संगत प्रदान की। पारम्परिक हुड़के पर नरेश ने उत्सव में सूंदर कला का प्रदर्शन किया! नृत्य कलाकारों में मोनिका, चंद्रकला, निनिक्षी, अंकित भट्ट, उमेश डबराल, रक्षित, विशाल, दीप्ति, शिवांगी एवं लक्ष्मी आदि ने प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का संचालन एवं गायन प्रख्यात लोक कलाकार प्रमोद रावत द्वारा किया गया।।

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