कण्वनगरी संस्कारशाला के तहत आईएचएमएस में हुआ भाषण प्रतियोगिता का आयोजन - TOURIST SANDESH

Breaking

गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

कण्वनगरी संस्कारशाला के तहत आईएचएमएस में हुआ भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

 कण्वनगरी संस्कारशाला के तहत आईएचएमएस में हुआ भाषण प्रतियोगिता का आयोजन 


कोटद्वार। टूरिस्ट संदेश फाॅउण्डेशन के तत्वावधान में आईएचएमएस के निदेशक, कर्नल बी.एस. गुसांई की अध्यक्षता में 'समृद्ध राष्ट्र के लिए संस्कार युक्त, नशामुक्त युवा' विषय पर एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कण्वनगरी संस्कारशाला के तहत संवाद से समाधान कार्यक्रम के संयोजक सुभाष चन्द्र नौटियाल के संयोजन में आयोजित इस भाषण प्रतियोगिता के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार प्रसिद्ध समाजसेवी सत्य प्रकाश थपलियाल तथा विशिष्ट वक्ता नागेन्द्र उनियाल, मंयक प्रकाश कोठारी 'भारतीय' एवं सर्वोदयी डॉ सुरेन्द्र लाल आर्य थे। भाषण प्रतियोगिता में आईएचएमएस, मालिनी वैली बीएड कॉलेज तथा चन्द्रावती लाॅ काॅलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। भाषण प्रतियोगिता में आईएचएमएस से प्रथम स्थान एमबीए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा कुमारी दीया भारद्वाज, द्वितीय स्थान एमबीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र सौरभ रावत तथा तृतीय स्थान कुमारी माही बीबीए द्वितीय सेमेस्टर ने हासिल किया। चन्द्रावती लाॅ काॅलेज से एलएलबी प्रथम की छात्रा अंजुम अंसारी प्रथम, एलएलबी प्रथम वर्ष के छात्र आशीष भण्डारी द्वितीय तथा एलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा अंजू डबराल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मालिनी वैली बीएड कॉलेज प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक सती ने प्रथम, छात्रा अनु ने द्वितीय तथा आकांक्षा रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सत्य प्रकाश थपलियाल ने आयोजन की महत्ता प्रकाश डालते हुए कहा कि, हमारे युवा कल के राष्ट्र निर्माता हैं। श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण करने में युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। युवाओं को नीतिवान तथा चरित्रवान बनाने के लिए समाज का नेतृत्व करने वाले सभी को सामूहिक भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि, समाज में जब-जब नशे का प्रचलन बढ़ता है, तब-तब समाज का पतन होता है।

विशिष्ट वक्ता मंयक प्रकाश कोठारी ने तथ्य प्रस्तुत करते हुए समाज में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि, हमें हमारे युवाओं को जिम्मेदारी का आभास कराने की आवश्यकता है। नागेन्द्र उनियाल ने कहा कि, युवा मनोविज्ञान को समझने की आवश्यकता है तथा यदि कोई साथी नशे की ओर बढ़ रहा है तो उसे नशामुक्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। इसके लिए नशामुक्त युवाओं का समूह तैयार करने की आवश्यकता है।

 वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि, हमारा राष्ट्र उन्नति के पथ पर तभी अग्रसर हो सकता है जब हमारे युवा संस्कार युक्त, नशामुक्त जीवनशैली अपनायेंगे इसके लिए युवाओं के मनोविज्ञान को समझने आवश्यकता है ताकि उन्हें संस्कारवान तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सके। विशिष्ट वक्ता सुरेन्द्र लाल आर्य ने बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए माता-पिता को नशामुक्त रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है तभी हमारा समाज संस्कार युक्त, नशामुक्त हो सकता है। भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ अनुराधा, प्रकाश चन्द्र भट्ट तथा अनुराग सेमवाल थे। कार्यक्रम का संचालन सुन्दर लाल जोशी ने किया।

 कार्यक्रम में संस्कार युक्त, नशामुक्त जीवन के लिए आईएचएमएस के निदेशक बी. एस. गुसांई ने उपस्थित सभी जनों की प्रतिज्ञा करवायी।

इस अवसर पर एस.एन.नौटियाल, आर पी पंत, कै पी एल खन्तवाल आदि गणमान्य लोगों के साथ ही तीनों काॅलेजों के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें