शिक्षा से वंचित बालिकाओं के लिए आयोजित की आवासीय कार्यशाला
कोजरा/नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए कोजरा में “दूसरा दशक परियोजना” के अंतर्गत संचालित 4 माह के आवासीय विद्यालय में एक विशेष प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आवासीय कार्यक्रम उन बालिकाओं के लिए चलाया जा रहा है, जो किसी कारणवश पढ़ाई से वंचित हो गई थीं और अब 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
कार्यशाला का आयोजन Divine Soul Foundation के सहयोग से किया गया। जिसमें बालिकाओं को नारी शक्ति, जीवन शैली, मानसिक सशक्तिकरण एवं करियर मार्गदर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम की शुरुआत सकारात्मक वातावरण में हुई, उपस्थित बालिकाओं में उत्साह और सीखने की जिज्ञासा से दिखाई। कार्यशाला में ब्रह्माकुमारीज़ से आई बीके रूचि बहन (शिक्षिका) ने बालिकाओं को नारी शक्ति और जीवन शैली के विषय पर अत्यंत सरल और प्रेरणादायक शब्दों में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की आधारशिला है। यदि एक नारी अपने भीतर के सद्गुणों—जैसे धैर्य, आत्मविश्वास, करुणा और आत्म-सम्मान—को जागृत कर ले, तो वह अपने जीवन को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को दिशा दे सकती है। करियर कंसल्टेंट रिमांशु ने विद्यार्थियों को करियर संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि जीवन में सफलता पाने के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही दिशा और स्पष्ट लक्ष्य भी आवश्यक है। उन्होंने बालिकाओं को विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में जानकारी देते हुए यह भी सिखाया कि किस प्रकार अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाए और निरंतर अभ्यास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में रेडियो जॉकी आर.जे. रमेश ने अपने अनूठे अंदाज में मीडिया और कम्युनिटी रेडियो के अनुभव साझा किए।
उन्होंने बालिकाओं को बताया कि जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है, लेकिन उनका समाधान सरल तरीके से खोजा जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी है—सुनने की कला (Listening Skill)। उन्होंने कहा कि जब हम ध्यानपूर्वक सुनते हैं, तो हम न केवल दूसरों को बेहतर समझ पाते हैं, बल्कि अपने भीतर भी सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।
कार्यक्रम में “दूसरा दशक परियोजना” के ओमप्रकाश ने Divine Soul Foundation के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

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