पुस्तक पुरुषार्थ का पर्याय का हुआ लोकार्पण
देहरादून। सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित लोकेश नवानी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित तथा शान्ति प्रसाद जिज्ञासू के सम्पादन एवं संकलन में प्रकाशित पुस्तक पुरुषार्थ का पर्याय का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में सामाजिक संस्था गढ़ भारती के सौजन्य से लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम 22 जनवरी को लोकेश नवानी के जन्मदिन पर आयोजित किया गया था। लोकेश नवानी पर आधारित पुस्तक में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के लिए 32 अलग-अलग लोगों के लेख संग्रहित किए गए हैं। पुस्तक में शुरुआती यात्रा अपने गांव से मध्य प्रदेश जहां पर उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा ग्रहण की उसके बाद वह दिल्ली आ गये, दिल्ली के बाद देहरादून तथा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में बड़े-बड़े शहरों में जाकर उन्होंने मातृभाषा के लिए कार्य किया उन्होंने जगह-जगह भाषा संगोष्ठियों की और कवि सम्मेलन आयोजित किए। यह बहुत ही बिखरा हुआ कार्य था जिसे समेटना भी दुष्कर कार्य था। इस कार्य को सहज रूप से उकेरा नहीं जा सकता था। इस काम को करने में शान्ति प्रकाश जिज्ञासु ने लगभग 4 वर्ष में समेट कर एक पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया है। पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी की अध्यक्षता में सम्पन्न इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीबीएस ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय जसोला थे। उन्होंने कहा पुरुषार्थ का पर्याय बहुत ही प्रासंगिक शीर्षक है उन्होंने लोकेश नवानी के किए गए कार्यों को भी उदृत किया। उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति अपने आप में एक संस्था हो सकता है लेकिन लोकेश नवानी कई कई संस्थाओं के संस्थापक हैं जिसमें गढ़ भारती, धाद, उत्तरजन आदि संस्थाएं हैं। इन संस्थाओं में अलग-अलग समूह हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में साहित्यिक, सांस्कृतिक, महिला चेतना तथा अन्य सामाजिक कार्य कर रहे हैं। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार सोमवारी लाल उनियाल ने श्री नवानी को एक महान व्यक्तित्व बताया।
इस अवसर पर डॉक्टर आशा रावत, डॉक्टर जगदंबा कोटनाला, महेंद्र ध्यानी, शिवदयाल शैलेश और दिनेश डबराल ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना डिमरी ने किया ।
इस अवसर पर प्रोफेसर अर्चना नौटियाल, प्रोफेसर प्रकाश नौटियाल, डॉ राकेश भट्ट, डी.सी नौटियाल, विजय जुयाल, ललित मोहन भट्ट , कान्ता घिल्डियाल, राकेश मोहन, डॉ एम आर सकलानी, लक्ष्मण सिंह रावत, प्रेमलता सलमान, बिना कंडारी, अनीता सिमलान, गजेंद्र नौटियाल, चंद्रशेखर तिवारी आदि उपस्थित थे । कार्यक्रम में नवीन नौटियाल को उनकी पिक्चर तीसरी में के लिए सम्मानित किया गया।

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