उत्तराखंड के शिक्षक राजस्थान में हुए सम्मानित
कोटा। (राजस्थान) उत्तराखंड राज्य के जनपद पौड़ी एवं टिहरी गढ़वाल क़े शिक्षकों तथा समाज सेवियों को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समर्पण भाव एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। एक समारोह में उत्तराखंड की नेशनल मोटीवेटर नंदी बहुगुणा, रश्मि उनियाल, सरोज बाला सेमवाल, कविता असवाल, तेजोमही बधानी, कुसुम कोटनाला, विजय सिंह, कविता बिष्ट रावत, दीपिका रावत, सुमन रावत, रश्मि रावत, राजीव थपलियाल, कमलेश बलूनी, संतोष बलूनी, रविन्द्र कुमार,आशीष नेगी, सरिता पुंडीर, ऊषा रावत, मीना तिवारी उर्मिला बुटोला, सरोज डिमरी, सरिता मैंदोला, एवं उषा सागर को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान शिक्षा सागर फाउंडेशन, राजस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक महाकुंभ- 2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय क्रांतिकारी नवाचारी शिक्षक अभिनंदन -2026 के रूप में 4 जनवरी 2026 को मालव धाकड़ छात्रावास विनोबा भावे नगर, शिक्षा नगरी कोटा (राजस्थान) में प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में देशभर से आये 15 राज्यों क़े 240 चयनित शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय रचनात्मक, नवाचारी एवं मूल्यपरक शिक्षण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अथिति क़े रूप में उपस्थित कोटा संभाग के जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा राम चरण मीणा ने देश के विभिन्न राज्यों से आये सभी नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र,मैडल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए सभी को इस आयोजन का हिस्सा बनने क़े लिये बधाई एवं शुभकामनायें दी. अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि,ऐसे बेहतरीन शिक्षक समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक होते हैं। सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों ने अपनी इस उपलब्धि का सारा श्रेय अपने परिवार,सहयोगियों एवं विद्यार्थियों को देते हुए भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और सेवा कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस मौके पर शिक्षा सागर फाउंडेशन के राष्ट्रीय संस्थापक एवं संयोजक शैलेश भाई प्रजापति (गुजरात), सुरेश राणा नेशनल मोटिवेटर (हरियाणा),भुवनेश मालव ( कार्यक्रम संयोजक कोटा राजस्थान),गायत्री मिश्रा (राष्ट्रीय प्रेरक, एवं मोटिवेटर छत्तीसगढ़) आदि उपस्थित थे। उत्तराखंड की बहुत ही ऊर्जावान शिक्षिका एवं मोटिवेटर नंदी बहुगुणा ने अपने सम्बोधन में कहा कि, इस तरह के कार्यक्रम समाज में एक नई चेतना जगाने के लिए तथा शिक्षकों में एक नई ऊर्जा का संचार करने के लिए समय-समय पर देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित होते रहने चाहिए। इससे हम सभी को अन्य राज्यों से भी बहुत कुछ सृजनात्मक एवं विभिन्न नावाचारी गतिविधियां सीखने को मिलती रहेंगी।

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