जीवन के रंग कला के संग
विषयक पर शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया
कोटद्वार। अज़ीम प्रेमजी फॉउंडेशन द्वारा “ जीवन के रंग कला के संग“ विषयक पर शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया ,जिसमें पौड़ी जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आये 65 रचनाधर्मी शिक्षकों ने स्वैच्छिक रूप में प्रतिभाग किया ।इस संगोष्ठी में रुद्रप्रयाग जनपद में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता पद पर कार्यरत जयकृष्ण पैन्यूली “माटी“जी संदर्भ व्यक्ति थे । जयकृष्ण पैन्यूली विगत कई वर्षों से कविता ,पेंटिंग और संगीत के साथ विज्ञान के सामंजस्य पर अनवरत रूप से कार्य कर रहें हैं और साथ में ही मिट्टी, कोयला, राख, गौमूत्र,गोबर आदि से पेंटिंग को बच्चों के सीखनें- सिखानें के टूल के तौर पर प्रयोग करतें हैं, और साथ ही अखिल भारतीय कवि सम्मेलनों के अलावा दुबई, शारजाह, मलेशिया, सिंगापुर, बैंकाक में आपकी कविता पाठ और पेंटिंग को भी सराहा गया है जयकृष्ण ने कला को शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं और कक्षा कक्ष से किस प्रकार से जोड़ कर पढ़ाया जा सकता है उस पर चर्चा की और शिक्षकों को भी मिट्टी के रंगों से पेंटिंग बनाकर समझ बनाने का प्रयास किया गया । इसके बाद एक पेटिंग प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें मिट्टी के रंगों का भरपूर प्रयोग किया गया था और जिसका लाभ शिक्षकों ने भी लिया ।फाउंडेशन के समन्वयक संजय नौटियाल ने बताया कि, इस प्रकार कला को एक विषय के तौर पर न समझ कर शुरूवाती कक्षाओं में अन्य विषयों से जोड़कर पढ़ाया जाना चाहिए ,और साथ ही उस विषय के स्वभाव को सवैंधानिक मूल्यों के आलोक में रख कर शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करके शिक्षण किया जाना चाहिए ताकि एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सके
कार्यक्रम में महेश गिरी, राजीव थपलियाल,मोहन सिंह गुसाईं, जागृति कुकरेती , संगीता उनियाल, पूनम प्रकाश,राकेश लखेड़ा, मनोज शाह, यशपाल सिंह , लक्ष्मी नैथानी, जसपाल असवाल , राजेश खत्री , विपिन बडोला , वेद प्रकाश , रघुनाथ गुसाईं, हरिचरण चतुर्वेदी ,मंजू कपरवान, अजेश ,अल्का बिष्ट, सुरेश बिष्ट ,विजय लक्ष्मी रावत , सुंदर लाल जोशी, हर्षमणी नौडियाल, मोहिनी नौटियाल, सरिता जोशी, जयप्रकाश केस्टवाल,रिद्धि भट्ट ,सिद्धि नैथानी, मुकेश कुमार,,महिपाल सिंह, शशि राणा, कविता असवाल, रश्मि उनियाल ,सीमा भारद्वाज,सरोजनी ,दिनेश बिष्ट,मंजू कुलाश्री,नीरज ध्यानी,सतेंद्र,रूबी,आदि उपास्थित रहे ।

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