समाज में समानता और भाईचारा बढ़ाने के लिए अम्बेडकर के सिद्धान्तों को अपनाना जरूरी - ऋतु खण्डूरी भूषण
डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ आयोजन
कोटद्वार। डॉ पीतांबर दत्त बर्थवाल हिमालय पीजी कॉलेज कोटद्वार में इतिहास विभाग के तत्वाधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने अपने उद्बोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर कहा कि, डॉ . अम्बेडकर के विचार सभी के लिए प्रेरणा का काम करते हैं। डॉ. अंबेडकर ने समाज के वंचित और शोषित व्यक्तियों के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया, कहा कि आज के समय में डॉ अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। समाज में समानता भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए उनके सिद्धांतों को अपनाना जरूरी है युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राज्य मंत्री डॉ राजेंद्र अण्थवाल ने अपने उद्बोधन में कहा की, समाज में दबे कुचले लोगों को ऊंचा उठाना ही अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। समाज के गरीब तबके वंचितों को मुख्य धारा में लाना हम सब का कर्तव्य होना चाहिए। आज उनके विचारों को अपनाने की जरूरत है। कार्यक्रम में दूसरे विशिष्ट अतिथि अनुसूचित जाति आयोग उत्तराखंड के अध्यक्ष राज्य मंत्री मुकेश कुमार ने अंबेडकरवाद को समझना बहुत जरूरी है समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा में लाना ही अंबेडकरवाद है। अंबेडकर किसी जाति विशेष के नहीं सभी वर्गों के थे उन्होंने कहा कि हरिद्वार में डाॅ. अंबेडकर का स्मारक बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सतपुली डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने कहा कि बाबा साहब को भारत रत्न देने में 34 वर्ष का लंबा समय लग गया। भारतीय संविधान में आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते डॉ अंबेडकर की देन है। उन्होंने दलित शब्द दिया। डॉ अंबेडकर की देश देश में सहकारिता जैसे अनेक कार्यक्रम जो आज चल रहे हैं। कार्यक्रम में प्रो. विक्रम साहनी मातृत्व अवकाश महिला पुरुष के लिए समान वेतन, चकबंदी, बांध निर्माण को अंबेडकर साहब की देन बताया। सेमिनार में प्रो. रमेश चौहान, प्रो. आदेश कुमार, डॉ. राकेश पाल, डॉ रीता शर्मा, डॉ अर्चना गौतम ने आपने विचार रखे। सेमिनार क़े समन्वयक डॉ. जुनीस कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डीएस नेगी ने सभी का आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय क़े प्राचार्य प्रोफेसर डीएस नेगी ने सभी अतिथियो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, डॉ अम्बेडकर क़े विचारों से आधुनिक भारत की दिशा तय हुई। उन्होंने कहा कि हमें अधिकारों का ही नहीं बल्कि कर्तव्यों का पालन भी करना चाहिये। कार्यक्रम में डॉ रोशनी असवाल, डॉ एस क़े गुप्ता, डॉ हीरा सिंह, डॉ विनोद सिंह, डॉ प्रवीन जोशी, डॉ प्रीति रानी, डॉ राखी डिमरी, डॉ अभिषेक गोयल, डॉ कपिल थपलियाल, डॉ सुषमा थलेडी, डॉ धर्मेंद्र पंवार, डॉ चंद्र प्रभा कंडवाल, डॉ सन्त कुमार, विकास आर्य, मनवऱ लाल भारती, अरविन्द दुदपुड़ी सहित महाविद्यालय क़े शोध छात्र-छात्राएं, समस्त विभागों क़े प्राध्यापक गण, छात्र-छात्राओं सहित एनसीसी कैडेट उपस्थित थे। महाविद्यालय क़े प्राचार्य प्रोफेसर डीएस नेगी की अध्यक्षता में हुये कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर बीसी शाह ने किया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें